बुधवार, 22 फ़रवरी 2012

रोज आँखें ये नया ख्वाब

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रोज एक हसरत को दफ़न करता हूँ 
रोज आँखें ये नया ख्वाब सज़ा लेती हैं !
रोज दीवार दरकती है मेरे जेहन की
रोज उम्मीदें नयी नीव ज़मा लेती है !
विश्वास में विष का भी वास होता है
आस ही टूटते रिश्तों को बचा लेती है ! 
ना कीमत-ए-वफ़ा है ना कद्र-ए-मोहब्बत
हसरतें दिल में दिए फिर भी जला लेती हैं !
बचने का हुनर सीख ले अब तो निर्झर
दुनिया अब भी सच को ही सजा देती है !!  

 
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17 टिप्‍पणियां:

kshama ने कहा…

ना कीमत-ए-वफ़ा है ना कद्र-ए-मोहब्बत
हसरतें दिल में दिए फिर भी जला लेती हैं !
बचने का हुनर सीख ले अब तो निर्झर
दुनिया अब भी सच को ही सजा देती है !!
Bahut khoob!

Dr.NISHA MAHARANA ने कहा…

आस ही टूटते रिश्तों को बचा लेती है ! shi bat.

रंजना ने कहा…

वाह...वाह...वाह...

लाजवाब...बेहतरीन...

जितने सुन्दर विचार हैं, उतनी ही सुगठित प्रस्तुति...

बहुत ही सुन्दर लिखा है बचवा...मन प्रसन्न हो गया...ढेरों आशीष...!!!

Shikha Kaushik ने कहा…

विश्वास में विष का भी वास होता है-
sarthak abhivyakti .badhai

अंजना ने कहा…

बहुत सुन्दर....

ZEAL ने कहा…

बचने का हुनर सीख ले अब तो निर्झर
दुनिया अब भी सच को ही सजा देती है !!

Great lines..

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रश्मि प्रभा... ने कहा…

रोज दीवार दरकती है मेरे जेहन की
रोज उम्मीदें नयी नीव ज़मा लेती है !... और धरती आकाश मेरे साथ रह जाते हैं नए रास्तों पर चलने के लिए

स्वाति ने कहा…

ना कीमत-ए-वफ़ा है ना कद्र-ए-मोहब्बत
हसरतें दिल में दिए फिर भी जला लेती हैं !
बचने का हुनर सीख ले अब तो निर्झर
दुनिया अब भी सच को ही सजा देती है !!

वाह...वाह...वाह...बहुत ही सुन्दर...

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार ने कहा…

.

वाह ! सुंदर रचना है निर्झर नीर जी
मुबारकबाद !


होली की भीमंगलकामनाएं
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♥होली ऐसी खेलिए, प्रेम पाए विस्तार !♥
♥मरुथल मन में बह उठे… मृदु शीतल जल-धार !!♥



आपको सपरिवार
होली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं !
- राजेन्द्र स्वर्णकार
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सदा ने कहा…

वाह ...बहुत ही बढिया।

सदा ने कहा…

वाह ...बहुत ही बढिया।

Satish Saxena ने कहा…

गज़ब का लिखते हैं ....
शुभकामनायें !

Kavita Rawat ने कहा…

बचने का हुनर सीख ले अब तो निर्झर
दुनिया अब भी सच को ही सजा देती है !!
..sach duniya se bachne ke liye bade hunar ki jarurat hoti hai..
sundar sarthak prastuti..

Smart Indian ने कहा…

बहुत सुन्दर!

prritiy----sneh ने कहा…

बचने का हुनर सीख ले अब तो निर्झर
दुनिया अब भी सच को ही सजा देती है !!

aah!! sach kaha.

sunder rachna, padhna man bhaaya
shubhkamnayen

एहसास ने कहा…

aapko sadhuwad nirjhar ji!

Ehsaas......