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मंगलवार, 3 अप्रैल 2012

आईने में ज़िन्दगी

भीख मांग रहा है फिल्म ‘मदर इंडिया’ का जमींदार ......
उसकी आवाज़ बहुत हल्की है
उसकी बातों में बहुत तल्खी है
वो भी तारा था चमकता नभ का 
बात सच है ये मगर कल की है  
धूल चेहरे पे ज़मी है अब तक 
उसकी आँखों में नमी है अब तक
उसने रिश्तों को जिया है शायद
उसने विष पान किया है शायद
उसमें ज़ज्बात अभी बाकी है
ज़ीस्त की आस अभी बाकी है
वो भी तकदीर का मारा होगा 
वो भी इस वक़्त से हारा होगा !!

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मंगलवार, 26 मई 2009

परी है तू

परियों की कहानी
सुनते थे
परियों के सपने
बुनते थे
तू ख्याल मेरा
तू मेरी सहर
तू मेरा तसव्वुर
परी है तू
चाँद फलक का
तेरा बसेरा
ताबीर है तू
मेरे ख्वाबों की
गुलशन की महक
रंगों की चमक
एक तेरे बिना
सब गायब थी
मेरा तन महका
मेरा मन महका
तेरे आने से
उपवन महका
गर ख्वाब है तू
मै सो जाऊ
तेरे सपनों मे
बस खो जाऊ।

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